UP में निषाद समुदाय की नाराजगी अब राजनीतिक चिंता बढ़ा रही है. आरक्षण की पुरानी मांग और गोंडा में विनोद साहनी की मौत के बाद सवाल है. क्या निषादों का गुस्सा 2027 में BJP के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है?