माइकल कुगेलमैन कहते हैं, इस साल की इस समिट का समय बहुत सही है. यह भारत के लिए अपनी ग्लोबल लीडरशिप को फिर से साबित करने और 'ग्लोबल साउथ' के साथ जुड़ने की उसकी कोशिशों को और तेज करने का मौका देता है.