पीएम मोदी की घोषणा के बाद सवाल उठा कि कितनी फास्ट ट्रैक कोर्ट होंगी और कहां-कहां होंगी. तो इसकी जानकारी भी सामने आ गई है. 4 राज्यों में इसका प्रस्ताव है, जहां रोज पेपर लीक मामले की सुनवाई होगी और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी.