याचिका के तहत सुप्रीम कोर्ट से यह मांग की गई कि किसी व्यक्ति के अपराध का दोषी पाए जाने पर चाहे वह किसी भी पद पर हो, उचित एफआईआर दर्ज की जाए और उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया जाए.