सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपसी सहमति से बने किसी रिश्ते के बिगड़ने पर उसे बलात्कार के आरोप में बदल देने से आरोप की गंभीरता कम हो जाती है, या यूं कहें कि अपराध का आरोप ही बेमानी हो जाता है.