महासंगम के दौरान आध्यात्मिक विचार-विमर्श व जनजागरण के माध्यम से माताजी के के आदर्शों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा. माता भगवती देवी शर्मा ने अपना जीवन आध्यात्मिक चेतना के विस्तार के लिए समर्पित किया था.