जस्टिस रवि कुमार दिवाकर ने महज 4 महीनों में 22 सहित कुल 35 दोषियों को मौत की सजा सुनाई है. मुजफ्फरनगर से लेकर बरेली तक उनके सख्त फैसलों ने 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' सिद्धांत पर बहस छेड़ दी है.