सुरक्षा एजेंसियों ने खालिस्तानी टेरर ग्रुप्स के रिक्रूट पैटर्न में बड़ा बदलाव बताया है. पहले ये ग्रुप्स आपराधिक बैकग्राउंड से आने वाले लोगों को अपने काम के लिए चुनते थे, लेकिन अब तरीका बदल दिया है.