धर्म पर कट्टरता का पर्दा इस कदर पड़ गया है कि कभी 'अल्ला मियां हमरे भैया को दियो नंदलाल' जैसे सोहर गाने वाला और मस्जिद के सामने रामलीला कराने वाला हमारा समाज आज भाषा, त्योहारों में बंट चुका है.
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October 23, 2026 at 4:51 AM
मुसलमान का साष्टांग प्रणाम, एक ही झुग्गी में तिवारी और गुलाम… अब क्यों नहीं दिखता ऐसा भाईचारा?
TV9 Bharatvarsh
Excerpt from TV9 Bharatvarsh.