शायद आजादी केवल इसलिए जीवित नहीं रहती कि कभी कुछ बहादुर लोगों ने उसके लिए संघर्ष किया था. वह इसलिए भी जीवित रहती है क्योंकि साधारण लोग हर दिन उसकी छोटी-छोटी कीमत चुकाते हैं.