टीम इंडिया की जीत तो उसी वक्त तय हो गई थी, जब हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने ऐतिहासिक शतक लगाकर टीम को 328 रन के स्कोर तक पहुंचा दिया था. मगर टीम में लौटी एक युवा स्पिनर ने इसे सुनिश्चित किया.