पूरे साल में सिर्फ एक रोज ही शरद पूर्णिमा का चांद सोलह कलाओं वाला होता है. कहते हैं चन्द्रमा से इस रोज अमृत बरसता है. इसलिए शरद अमरत्व का प्रतीक भी है. इसे 'कोजागरी पूर्णिमा' भी कहते हैं.
Back to Top News
Top
October 25, 2026 at 5:37 PM
बसंत का राग, शरद का अनुराग… प्रकृति के महारास की पूर्णिमा का अद्भुत दर्शन
TV9 Bharatvarsh
Excerpt from TV9 Bharatvarsh.