मीसा ने कहा, "हम जाति की सांप-सीढ़ी खेलने थाने में नहीं आए. हम जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं. जब मेरी FIR यहां नहीं ली जा रही तो आप आसानी समझ सकते हैं कि राज्य के गरीबों की क्या स्थिति होती होगी.