CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने आशंका जताई कि अगर 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक UPI पेमेंट पर MDR शुल्क लगाया गया तो देश में फिर से नकदी लेन-देन का प्रचलन बढ़ सकता है.