संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर विपक्ष के नुक्कड़ नाटक ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है. वैसे तो संसद में विरोध प्रदर्शन कोई नई बात नहीं है. जनहित के मुद्दों को लेकर अक्सर राजनीतिक दल अपने अपने अंदाज में विरोध जताते रहे हैं. लेकिन वक्त के साथ इन विरोध प्रदर्शनों की परंपरा बदलती नजर आ रही है. विपक्ष के इस नाटक से एक और बात जाहिर होती है कि अब संसद की गरिमा की परवाह शायद किसी को नहीं.
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August 1, 2026 at 4:26 AM
कभी बैलगाड़ी तो कभी साइकिल से प्रदर्शन… जानिए नेहरू से मोदी तक संसद में कैसे बदला विरोध का तरीका
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