बंगाल की नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव से पहले एक और विवाद सामने आया है। कांग्रेस ने BJP प्रत्याशी हसीरानी रथ के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कांग्रेस का दावा है कि BJP प्रत्याशी ने चुनावी हलफनामे में अपनी उम्र और पढ़ाई से जुड़ी गलत जानकारी दी है। कांग्रेस नेता और वकील रित्जू घोषाल ने कोर्ट में कहा- हसीरानी रथ ने हलफनामे में जन्म साल 1966 बताया है, जबकि 1965 में माध्यमिक यानी 10वीं की परीक्षा पास करने का जिक्र किया है। हसीरानी ने जन्म से पहले 10वीं कैसे पास कर ली। नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। हसीरानी रथ की उम्मीदवारी की घोषणा 15 सितंबर को की गई थी। वह CM शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की मां हैं। 4 मई को बंगाल चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्कूल की मान्यता पर भी सवाल, दावा- सिर्फ 5वीं तक था दर्जा भाजपा प्रत्याशी ने जिस स्कूल का नाम हलफनामे में दिया गया है, कांग्रेस ने उसके रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी के मुताबिक, चौखाली गंगा पद्म मिलन कन्या विद्यापीठ की शुरुआत 1963 में हुई थी। उस समय वहां 5वीं तक पढ़ाई होती थी। कांग्रेस के मुताबिक, स्कूल को 10वीं तक पढ़ाने की सरकारी मंजूरी 1973 में मिली थी। रित्जू घोषाल ने कहा कि चुनाव आयोग ने हलफनामे की जांच की थी, लेकिन गड़बड़ी पर कोई कार्रवाई नहीं की। हाईकोर्ट ने याचिका दाखिल करने की अनुमति दी कांग्रेस ने कहा कि अगर भाजपा प्रत्याशी की शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी गलत पाई जाती है तो उनकी उम्मीदवारी रद्द की जाए। जस्टिस कृष्ण राव ने कांग्रेस को याचिका दाखिल करने की अनुमति दे दी है और मामले पर गुरुवार यानी 24 सितंबर को सुनवाई होने की संभावना है। हसीरानी रथ बोलीं- कोर्ट जो फैसला करेगा, वह मंजूर वहीं, BJP ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। BJP की ओर से कहा गया कि अगर हलफनामे में कोई विसंगति है तो इसकी शिकायत चुनाव आयोग के सामने की जानी चाहिए। हसीरानी रथ ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी है और उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट जो फैसला करेगा, वह उन्हें स्वीकार होगा। अब आगे क्या हो सकता है? 1. हाईकोर्ट BJP प्रत्याशी से जवाब मांग सकता है: हसीरानी रथ की ओर से दस्तावेजों के जरिए बताया जा सकता है कि 1965 और शैक्षणिक योग्यता की जानकारी कैसे दर्ज हुई। 2. मूल दस्तावेज जांचे जा सकते हैं: जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल रिकॉर्ड, परीक्षा/सर्टिफिकेट और नामांकन देखे जाएंगे। खासकर यह जांचना होगा कि 1965 वास्तव में 10वीं पास करने का साल है या हलफनामे में गलत दर्ज हुआ है। 3. चुनाव आयोग का जवाब भी महत्वपूर्ण होगा: कांग्रेस का कहना है कि आयोग ने हलफनामा जांचने के बावजूद इस विसंगति पर कार्रवाई नहीं की। इसलिए हाईकोर्ट आयोग से भी जवाब मांग सकता है। 4. अगर जानकारी गलत साबित होती है, तो उम्मीदवारी पर असर का सवाल उठेगा: कांग्रेस ने इसी आधार पर उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है। लेकिन केवल गलती सामने आना और कानूनन उम्मीदवारी रद्द होना दो अलग सवाल हैं। कोर्ट को यह भी देखना होगा कि गलती का नेचर क्या है और चुनाव कानून के तहत उसका क्या परिणाम होगा। नंदीग्राम से शुभेंदु ने ममता को हराया, लगातार दो बार भाजपा जीती नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। 2021 में ममता बनर्जी ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की। बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई। बंगाल सहित 4 राज्यों की 6 सीटों पर उपचुनाव --------------------------- यह खबर भी पढ़ें… नंदीग्राम कांग्रेस उम्मीदवार उपचुनाव लड़ सकेंगे, फिलहाल जेल में:कलकत्ता हाईकोर्ट बोला- जमानत मिले तो बंगाल सरकार चुनाव लड़ने दे; प्रधान पर 11 केस दर्ज कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के वकील से कहा कि जमानत मिलने पर कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को चुनाव लड़ने दिया जाए। मामले की सुनवाई जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने की। मिलन प्रधान नंदीग्राम उपचुनाव में उम्मीदवार हैं। प्रधान पर 11 केस दर्ज हैं। उन्हें 5 मामलों में गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल वे जेल में हैं। पूरी खबर पढ़ें…