सरकार की तरफ से हर साल कांवड़ यात्रियों को लेकर जारी अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक पिछले 4 सालों में प्रदेश में 1 करोड़ कांवड़ियों की बढ़ोतरी हुई है. साथ ही इससे इससे तकरीबन 10 अरब का कारोबार जनरेट हो रहा है.