जीवन को बहुमूल्य करार देते हुए हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी नागरिक का जीवन बेहद मूल्यवान है और उसे बचाने के लिए सरकार को हरसंभव प्रयास करने चाहिए. साथ ही कोर्ट ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के रुख की भी सराहना की.