सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उम्रदराज, लाइलाज बीमार और शारीरिक रूप से कमजोर कैदियों की समयपूर्व रिहाई के लिए 3 महीने में नीति बनाने का निर्देश दिया है. इस नीति में पात्रता मानदंड, प्रक्रिया और निष्पक्ष मेडिकल जांच की व्यवस्था स्पष्ट होनी चाहिए.