रूस भारत में Su-57 के उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण का प्रस्ताव दे रहा है. यह भारत की लड़ाकू विमानों की कमी को पूरा करने और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण हो सकता है.