राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था उसी पीढ़ी को निराश कर रही है, जिसे बेहतर भविष्य देने के लिए इसे बनाया गया था। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से पूछा कि उनका शिक्षा व्यवस्था से भरोसा क्यों उठ गया है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की शुरुआत उन लोगों की बात सुनने से होगी, जो रोजाना इसकी कमियों का सामना कर रहे हैं। राहुल गांधी ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपने अनुभव, सबूत और सुझाव ऑनलाइन साझा करने को कहा। राहुल गांधी की यह टिप्पणी उनके ‘छात्रों की गूंज’ के पांचवें कार्यक्रम से पहले आई है। इसका आयोजन 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में होगा। खबर लगातार अपडेट हो रही है…