जांच एजेंसी का कहना है कि विमान हादसे की जांच की निष्पक्षता और भविष्य में विमानन सुरक्षा से जुड़ी जांचों को सुरक्षित रखने के लिए गवाहों के बयान, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के ट्रांसक्रिप्ट, ATC की बातचीत और मेडिकल रिकॉर्ड को गोपनीय रखना जरूरी है.