9 दिनों में मर्डर केस में आरोपियों को राहत मिली. कहीं गवाहों के बयान, कहीं हथियार तो कहीं CCTV और कॉल रिकॉर्ड जैसे सबूत कानूनी प्रक्रिया के तहत पेश नहीं किए गए. आखिर आरोपियों को क्यों बरी किया?