राम बहादुर राय वही हैं, जिन्होंने इमरजेंसी का विरोध किया था और पहली गिरफ्तारी भी उन्हीं की हुई थी. इसीलिए तो लाखों लोग नारा लगाते थे, 'जेल के ताले टूटेंगे, राम बहादुर छूटेंगे!