सांस का कोई धर्म नहीं होता. दिल की कोई जाति नहीं होती. सूरज की रोशनी किसी से उसकी पहचान नहीं पूछती. पानी किसी का नाम नहीं पूछता. और शायद सत्य भी अपना परिचय नहीं देता. वह बस सत्य होता है.