स्क्वॉश के मोर्चे पर भारत के लिए 26 सितंबर को ज्यादातर अच्छी ही खबरें मिलीं. जोशना और सेंथिलकुमार ने ब्रॉन्ज अपने नाम किया तो अनाहत ने फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया.