कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स ने बढ़ती हुई ट्यूशन फ़ीस और पहली पीढ़ी के वकीलों को पेशे में आने के दौरान होने वाली मुश्किलों को भी सामने रखा.