सुप्रीम कोर्ट ने दल-बदल विरोधी कानून (दसवीं अनुसूची) में कई दिक्कतें स्वीकार की हैं, जिसे सांसदों ने ही बनाया है. वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने विलय के माध्यम से कानून से बचने की मौजूदा व्याख्या को चुनौती दी. कोर्ट ने सिब्बल की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है.