कभी नक्सलवाद की पहचान रहा छत्तीसगढ़ का बस्तर अब बदल रहा है. यहां प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, होमस्टे और इको-टूरिज्म से स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को विस्तार मिल रहा है.