SAT-SAAW को DRDO ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया है. इस हथियार में 60 फीसदी स्वदेशी सामग्री होगी. इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों को भी देश में विकसित और निर्मित किया जाएगा.