मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यदि प्रशासन किसी वैकल्पिक स्थान की अनुमति भी देता है, तब भी वहां नमाज अदा की जाएगी या नहीं, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है. हिंदू पक्ष का स्पष्ट रुख है कि भोजशाला परिसर के आसपास किसी भी स्थान पर जुमे की नमाज की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.