किसी युवा भारतीय के लिए, जो यह तय कर रहा है कि आगे क्या सीखे, व्यावहारिक सबक तकनीक से बचना नहीं है, जो ज़्यादातर आधुनिक करियर में लगभग नामुमकिन ही होगा.