प्रस्तावित कानून को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया. यह विधेयक विपक्ष के जोरदार हंगामे और नारेबाजी के बीच पेश किया गया. जबकि विपक्षी सांसद 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर सरकार से जवाब मांग रहे थे.