पितृपक्ष में आज द्वादशी श्राद्ध यानी संन्यासी श्राद्ध किया जा रहा है. आइए जानते हैं, इसे बारस श्राद्ध क्यों कहते हैं, और संन्यासियों और वैष्णव परंपरा के पितरों के तर्पण के क्या नियम हैं.