अखिलेश यादव के राम मंदिर नहीं जाने को लेकर बीजेपी कई बार सवाल उठा चुकी है. अब सपा प्रमुख का 12 दिसंबर को अयोध्या जाने का फैसला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.