जस्टिस मेहता ने 30 अगस्त को लिखे अपने चौथे पत्र में दावा किया कि उनके पास जस्टिस शर्मा के मनमाने, संदिग्ध और स्पष्ट तौर पर मनमाने कृत्यों के बारे में अतिरिक्त जानकारी और सबूत हैं.