शफीक खान बेरमो की श्रमिक राजनीति की उल्लेखनीय शख्सियत थे. गया में रिक्शा मजदूरों के बीच काम शुरू करने के बाद उन्होंने कोयला मजदूरों के अधिकारों, ट्रेड यूनियन आंदोलन और वेतन समझौतों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभायी.