दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारत का उत्थान मानवता की सेवा के लिए होना चाहिए, न कि दुनिया पर प्रभुत्व जमाने के लिए. उन्होंने जातिगत भेदभाव को हिंदू समाज का कलंक बताया.