मौलाना अरशद मदनी ने भारत की आज़ादी में मुस्लिमों और मदरसों के बलिदानों को रेखांकित करते हुए उन्हें आतंकवाद से जोड़ने की आलोचना की. उन्होंने कहा कि देश में नफरत फैलाने वाले असली आतंकी हैं.