अहोई अष्टमी के दिन माताएं अपनी संतान के दीर्घायु जीवन के लिए अन्न-जल का त्याग कर कठिन निर्जला व्रत रखती हैं. आइए जानते हैं, इस व्रत को पूरा करने के लिए पूजा की थाली में क्या-क्या होना जरूरी होता है.