राम मंदिर में प्रशासन से जुड़ी यह कहानी सिर्फ मिश्रा और पांडेय तक सीमित नहीं है. तीसरा नाम एक रिटायर सैन्य अधिकारी का बताया जा रहा है. हालांकि यह नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है.