आइसा ने मुताबिक, प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिली. इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर एकत्र हुए.