भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने के लिए न्यायपालिका को जांच और आलोचना का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका के कामकाज की निष्पक्ष और रचनात्मक आलोचना जरूरी है। इससे न्याय व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ती है और सुधार का रास्ता खुलता है। सूर्यकांत ने यह बात ‘जस्टिस सीन टू बी डन: ट्रांसपेरेंसी एंड पब्लिक ट्रस्ट ऐज पिलर्स ऑफ द लीगल सिस्टम’ विषय पर आयोजित छठे राम जेठमलानी स्मृति व्याख्यान में कही। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली में किया गया था।
Back to Top News
Top
September 14, 2026 at 4:56 PM
CJI बोले-न्यायपालिका जांच के दायरे से बाहर नहीं रह सकती:जवाबदेही के लिए आलोचना जरूरी; जजों के खिलाफ हर शिकायत को वेबसाइट पर नहीं डाल सकते
Dainik Bhaskar