मोहन भागवत ने कहा कि सरकार बदलने से देश की समस्याएं हल नहीं हो जातीं. नेपाल-बांग्लादेश इसके उदाहरण हैं. उन्होंने वैश्विक शक्तियों पर भारत को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.