देश के बड़े शहरों में जलप्रलय के बाद सवाल उठता है कि हर साल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और नाला-सफाई के नाम पर पास होने वाले करोड़ों रुपए के बजट का असल फायदा किसे मिलता है?