लोकसभा स्पीकर ने शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के शिंदे गुट में विलय को मंजूरी दे दी, जबकि टीएमसी के बागी सांसदों के मामले में फैसला अभी बाकी है. आखिर दोनों मामलों में फर्क क्या है, क्या सांसद पार्टी लाइन से बाहर जाकर वोट डाल सकते हैं और दल-बदल कानून क्या कहता है?
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July 19, 2026 at 10:16 AM
टीएमसी का मर्जर अटका, शिवसेना को मंजूरी… क्या पार्टी लाइन से अलग वोट दे सकते हैं सांसद?
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