HC में स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 की धारा 4 को चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ता का तर्क है कि 'नॉन-ऑब्स्टेन्ट' क्लॉज व्यक्तिगत कानूनों से विसंगतियां पैदा करता है. HC ने केंद्र को नोटिस जारी किया है.