जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा कि कुछ लोगों ने अपने फायदे के लिए यह धारणा बना दी है. असल बात कुछ और है. केंद्र सरकार को पता है कि जजों की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया क्या है. कॉलेजियम सिर्फ एक जरिया है.