कभी-कभी जिंदगी का सबसे जरूरी काम वहीं हो रहा होता है जहां कोई दर्शक नहीं होता. बाहर से लगता है कि करियर रुक गया है, लेकिन भीतर शायद धैर्य बन रहा है.