महाराष्ट्र के विधायक पराग शाह ने एक दिन भिखारी बनकर बिताया. लोगों की जिंदगी और उनकी कठिनाइयों को समझने के लिए उन्होंने यह प्रयोग किया. सड़कों पर उन्होंने दया, उपेक्षा और उदासीनता का अनुभव किया.